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दूर तलक चलना है मुझे

दूर तलक चलना है मुझे खुद ही गिरना और सम्हलना है मुझे किसी के काबिल न सही खुद ही खुद के काबिल बनना है मुझे।। चलो आज फिर खुद को जरा समझा तो दूँ न कर फिकर किसी की ये बता तो दूँ बन जाऊँ मैं तूफ़ां किसी समंदर का जो, खुद अपनी ऊँचाई तक पहुचकर गिरना है मुझे दूर तलक चलना है मुझे।।                   अखिलेश