बदलती जिंदगी
हिमालय की तराई में हमारा एक खूबसूरत सा गांव है। हिमालय की ऊँची ऊंची चोटियां, घने जंगल और उन जंगलों से निकलती नदियाँ ये सब मिलकर एक ऐसा आकर्षक उत्पन्न करती है कि ब्रम्हांड का हर प्राणी यहां खिंचा चला आता है। गांव के लोग खाली पड़ी जमीन पर खेती करते हैं। नदियों से सिंचाई हो जाती है। कुछ लोग नदी में मछली पकड़कर अपना जीवन यापन करते हैं। गांव में ज्यादा सम्पनता तो नहीं लेकिन किसी चीज की कमी भी नहीं है। लोगों का गुजारा चल रहा है। बरसात के दिनों में कभी कभी बाढ़ आ जाती है, जिससे फसलें बर्बाद हो जाती है और मवेशी बह जाते हैं। इसलिए बरसात के मौसम शुरू होने के पहले ही लोग बाढ़ के लिए तैयार रहते हैं ताकि कम नुकसान हो। बारिश का मौसम खत्म होते हीं सब पहले जैसा सामान्य हो जाता है और लोग खुशी खुशी रहने लगते हैं। सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा था कि हमारे गांव पर सरकार की नजर पड़ी। यहां से बहने वाली नदी पर एक बड़ी पनबिजली परियोजना लगाई जानी थी। लोगों को बताया गया कि इस परियोजना से उन्हें भी खूब लाभ मिलेगा। परियोजना से उत्पन्न बिजली से गांव में बिजली दी जाएगी और पहाड़ी पर बनने वाले डैम में मछली पालन किया जाएगा। ज...