दिल्ली की सर्द भरी रात में
दिल्ली की सर्द भरी रात में सड़क किनारे चलते हुए हाथों को सुन्न करने वाली हवाओं को महसूस कर किसी की याद आती है! उसके साथ बिताए हर एक पल, खुला खुला शरीर, मन चंचल उसके आने की गर्म आहट, उसके होने पर ठंडी हवाओं की चाहत क्या वो बरसात थी?,नहीं! शायद वो गर्मी की रात थी! अखिलेश