खुद ही खुद से नाराज हूँ मैं

खुद से हैरान हूँ मैं, खुद से परेशान हूँ मैं।
खुद ही खुद की न सुनता, खुद से आज नाराज हूँ मैं।।

दूसरों पर आँखे बंद कर भरोसा करना
फिर धोखा खाना और निराश हो जाना ।
इन सिलसिलों से हताश हूँ मैं
खुद से आज नाराज हूँ मैं।।

सबको अपने जैसा समझना
सच बोलना और सच सुनने की आश रखना
उन आशाओं के टूटने से नाशाद हूँ मैं
आज खुद ही खुद से नाराज हूँ मैं।।

अपनी बातें सबसे कहना
सबकी बातों पे चुप रहना
बोल बोल कर वाचाल हूँ मैं
खुद ही खुद से नाराज हूँ मैं।।

खुद को कितनी बार बताया
चुप रहने का पाठ पढ़ाया
समझा समझा कर परेशान हूँ मैं
खुद ही खुद से नाराज हूँ मैं।।
😢अखिलेश😢





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