हौसलों को कुछ यूँ , उड़ान दी जाए,
कि,आंखों में ख्बाब हो पर नींद न आए।
रास्तों के साथ दोस्ती कुछ यूँ निभाई जाए,
कि, वर्षों चलते रहें पर थकान न आए।
सफर में दोस्त कुछ यूँ बनाये जाएं,
कि, मुश्किल वक्त हो पर साथ खड़े नजर आएं।
जिंदगी में कुछ काम यूँ किए जाएं,
कि मर जाने के बाद भी जिंदा नजर आएं।।
कि,आंखों में ख्बाब हो पर नींद न आए।
रास्तों के साथ दोस्ती कुछ यूँ निभाई जाए,
कि, वर्षों चलते रहें पर थकान न आए।
सफर में दोस्त कुछ यूँ बनाये जाएं,
कि, मुश्किल वक्त हो पर साथ खड़े नजर आएं।
जिंदगी में कुछ काम यूँ किए जाएं,
कि मर जाने के बाद भी जिंदा नजर आएं।।
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